प्यार मे कितनी बाधा देखी, फिर भी कृष्ण के साथ राधा देखी !
पाने को ही प्रेम कहे जग की ये है रीत, प्रेम का सही अर्थ समझायेगी राधा-कृष्णा की प्रीत !!