वाकिफ कहाँ दुश्मन हमारी उड़ान से,
वो कोई ओर थे जो हार गये तूफ़ान से !

दुश्मनों की महफिल में चल रही थी,
मेरे कत्ल की तैयारी,
मैं पहुंचा तो बोले यार,
बहुत लम्बी उम्र है तुम्हारी !

मेरे दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं शायद,
वक़्त बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं !

टक्कर की बात मत करो,
जिस दिन सामना होगा उस दिन हस्ती मिटा देंगे !

दुश्मन हमारे सामने आने से भी डरते है,
और वो पगली दिल से खेल कर चली गई !

हम अपने दुश्मनो को भी बहुत मासूम सजा देते हैं,
नही उठाते उस पर हाथ बस नजरो से गिरा देते हैं !

खुश रहो या खफा रहो,
हमेशा दूर और दफा रहो !

दुश्मनी मंजूर है साहब,
किसी के तलवे चाटना हमारे उसुलो के खिलाफ है !

हम अपने से ज्यादा दुश्मनो पर नज़र रखते हैं,
इसलिए तो कब अपने दुश्मन बन जाते,
पता ही नहीं चलता है !!

यह जो सर पर घमंड का ताज रखते हैं,
सुन लो दुनिया वालों हम इनके भी बाप लगते हैं !!

तू क्या हमारी बराबरी करेगा पगले,
हमारी तो नींद में भी खींची हुई,
फोटो भी लोग Dp लगाते हैं !

अभी तो बदला लेना बाकी है !
हाँ अकेले हैं और अकेले ही दुश्मनी काफी है !

हमारे Attitude को देख कर,
दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं !

मेरे चाहने वाले बहुत अच्छे हैं,
और मेरे दुश्मन मेरे सामने अभी बच्चे हैं !!

दुश्मनी से मेरा कोई वास्ता नही,
पर मेरे से करोगे तो बचने का कोई रास्ता नही है !

लो आज चक्कर लगाने जाते हैं,
दुश्मन की गली में देखना हैं,
अपने दिल की धड़कने तेज होती या दुश्मन की !!

दुश्मन के सितम का खौफ नही,
हमको हम तो दोस्तो के रूठ जाने से डरते हैं !

दुश्मनी लौट कर जरूर आएंगे,
आपकी सफलता देख कर !!

चलती है गाड़ी उड़ती है धूल,
जलते हैं दुश्मन खिलते हैं फूल !!

इतने अमीर तो नहीं कि सब कुछ खरीद ले,
पर इतने गरीब भी नहीं हुए कि खुद बिक जाएँ !