इश्क क्या जिंदगी देगा किसी को,
ये तो शुरू ही किसी पर मरने से होता है ।

तुम से बिछड के फर्क बस इतना हुआ,
तेरा गया कुछ नहीं और मेरा रहा कुछ नहीं !

जितना प्यार तेरी बातों में था,
काश तेरे दिल में भी होता !

कसूर तो बहुत किए है जिंदगी में पर,
सजा वहाँ मिली जहाँ बेकसूर थे !!

हालात ने तोड़ दिया हमें कच्चे धागे की तरह,
वरना हमारे वादे भी कभी जंजीर हुआ करते थे !

मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये !

जैसे खुशी के आंसू होते हैं,
वैसे ही गम की भी हँसी होती है !

कभी सुकून मिलता था तेरी बातों से,
तेरा जिक्र होने पर अब हम बात बदल देते हैं !

जब वक्त खराब हो तो,
सुकून देने वाले भी दर्द दे जाते हैं !

वक्त नहीं बदलता है अपनों के साथ,
बस अपने बदल जाते हैं वक्त के साथ !

तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,
हम चाहते ही क्या थे तुमसे तुम्हारे सिवा !