सोमवार का सवेरा है चलो शुभ शुरुवात करते है,
हर हर महादेव बोलके फिर आगे बात करते हैं।
आता हूँ महादेव तेरे दर पे,
मैं अपना शिर्ष झुकाने को,
100 जनम भी कम है भोले,
अहेसान तेरा चुकाने को।
कृपा जिनकी मेरे ऊपर,
तेवर भी उन्हीं का वरदान है,
शान से जीना सिखाया जिसने,
महादेव उनका नाम है।
जब भी मैं अपने बुरे हालातो से घबराता हूँ,
तो आंखे बंद करके महाकाल का नाम पुकारता हूँ।
ऐ भक्त फिक्र करता क्यों है,
फिक्र से होता है क्या,
रख भरोसा महादेव पर,
फिर देख होता है क्या।
काल का भी उस पर क्या आघात हो,
जिस बंदे पर महाकाल का हाथ हो।
मैं सारी दुनिया घूमना नहीं चाहूँगा,
जब बाबा बुलाएँगे तो केदारनाथ आऊंगा।
चिंता नहीं मुझे खुद की चिंता उसे हमारी है,
क्योंकि हमारी नाव का रक्षक खुद भोला भंडारी है।
नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं,
महादेव ही मेरी मँजिल हैं और वही मेरा ठिकाना हैं।
अपनी तो बस इतनी सी कहानी है,
भक्त है हम उसके जिसकी दुनिया दिवानी है।
जैसे हनुमानजी के सीने में तुमको सियापति श्री राम मिलेंगे,
सीना चीर के देख मेरा तुमको बाबा महाकाल मिलेंगे।
भोले के दरबार में दुनिया बदल जाती है,
रहमत से हाथ की लकीर बदल जाती है,
लेता है जो भी दिल से महादेव का नाम,
एक पल में उसकी तकदीर बदल जाती है।
जब भक्ति का प्रसाद पाएंगे,
जब महादेव हम बुलाएंगे,
उठाकर झोला अंजान राहो से,
तभी हम केदारनाथ जाएंगे।
ना कोई हमारा ना हम किसी के है,
बस एक महादेव ही है और हम उसी के हैं।
ना मैं उच नीच में रहूँ ना ही जात पात में रहूँ,
महाकाल आप मेरे दिल में रहे और मैं औक़ात में रहूँ।
गरज उठे गगन सारा और समुन्दर छोड़ें अपना किनारा,
हिल जाए जहान सारा जब गूंजे महादेव का नारा।
शिव की बनी रहे आप पर छाया,
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया,
मिले आपको वो सब ज़िन्दगी में,
जो कभी किसी ने भी न पाया।
शतरंज की चालो का ख़ौफ़ उन्हें होता है जो सियासत करते हैं,
हम तो महादेव के भक्त है ना हार का फ़िकर ना जीत का जिकर।
मेरी एक आह की भी आपको खबर हो जाती है,
महादेव का नाम लेते ही हर मुश्किल हल हो जाती है।
लोग कहते है कि मैं तो बावली हूँ,
पर मैं तो अपने महाकाल की लाड़ली हुँ।