आज फिर मैं आपसे वादा करना चाहूंगी,
जिंदगी का हर लम्हा आपके साथ जीना चाहूंगी।
वो दिन, दिन नहीं वो रात, रात नहीं,
वो पल, पल नहीं जिस पल आपकी बात नहीं,
आपकी यादों से मौत हमे अलग कर सके,
खुद मौत मैं भी इतनी औकात नहीं।
तुम्हारी दूरी दिल को बहुत तड़पाती है,
न पूछो तुम्हारी याद हमें कितना सताती है,
किसी को बताते नहीं कि कितना याद करते है,
पर हमारी ये खामोशी सब बताती है।
आपकी याद में क्या हाल होता है हमारा,
जान कर भी आप क्यों अंजान बनते हो,
हम एक पल भी नहीं रह सकते आपके बिना,
और आप अकेले महीनों रहने की बात करते हो।
सुबह से शाम रहता है इंतेजार,
दीदार के लिए दिल रहता है बेकरार,
कितना करते है हम प्यार आपको,
की नही कर सकते ये लफ्ज़ो में इजहार।